समाज का ताना सहकर बेटी को बढ़ाया आगे, तो दक्षिण एशियाई खेलों में गोल्ड लाकर किया देश का नाम रोशन


बेटियों का घर से बाहर खेलना जिस देश में बुरा माना जाता है आज वहीं की बेटियां देश का नाम रोशन कर रही हैं.

लेकिन ये नाम भी उन्हे इतनी आसानी से हासिल नहीं होता है. पता नहीं कितने तानों को सहकर आगे बढ़ती हुई अपनी मंजिल पा लेती है.

नसरीन की बुलंद सपने
खो-खो टीम की कप्तान नसरीन की कहानी, जिसने भारत को दक्षिण एशियाई खेलों में गोल्ड दिलाने वाली नसरीन की कहानी हर लड़की की ही तरह है. बता दें कि नसरीन खो-खो टीम की कप्तान रहकर कई गोल्ड जीते. नसरीन को खेल में आगे बढ़ने से रोकने के लिए समाज ने कई प्रयत्न किए. लेकिन नसरीन के बुलंद सपनों के आगे सभी हथकंडे फेल हो गए.

जानिए कितने बार खेल चुकी है
दिल्ली की रहने वाली नसरीन भारतीय महिला खो-खो टीम की कैप्टन हैं.नसरीन के पिता दिल्ली के बाज़ारों में पटरी दुकान लगाते हैं और तमाम तानों के बावजूद वो बेटी के साथ हमेशा साथ खड़े रहे नसरीन अब तक तीन इंटरनेशनल और 40 बार नेशनल लेवल पर खेल चुकी है.

नसरीन की कप्तानी
आपको बता दें कि साल 2019 में हुए दक्षिण एशियाई खेलों में नसरीन की कप्तानी में भारत को गोल्ड मेडल दिलाकर लगातार नाम रोशन कर रही है. नसरीन के माता-पिता को अपनी बेटी पर गर्व है कि उसने परिवार, गांव और देश का नाम रोशन किया.

समाज का ताना सहकर बेटी को बढ़ाया आगे, तो दक्षिण एशियाई खेलों में गोल्ड लाकर किया देश का नाम रोशन

बेटियों का घर से बाहर खेलना जिस देश में बुरा माना जाता है आज वहीं की बेटियां देश का नाम रोशन कर रही हैं. लेकिन ये नाम भी उन्हे इतनी आसानी से हासिल नहीं होता है. पता नहीं कितने तानों को सहकर आगे बढ़ती हुई अपनी मंजिल पा लेती है.

नसरीन की बुलंद सपने
खो-खो टीम की कप्तान नसरीन की कहानी, जिसने भारत को दक्षिण एशियाई खेलों में गोल्ड दिलाने वाली नसरीन की कहानी हर लड़की की ही तरह है. बता दें कि नसरीन खो-खो टीम की कप्तान रहकर कई गोल्ड जीते. नसरीन को खेल में आगे बढ़ने से रोकने के लिए समाज ने कई प्रयत्न किए. लेकिन नसरीन के बुलंद सपनों के आगे सभी हथकंडे फेल हो गए.

जानिए कितने बार खेल चुकी है
दिल्ली की रहने वाली नसरीन भारतीय महिला खो-खो टीम की कैप्टन हैं.नसरीन के पिता दिल्ली के बाज़ारों में पटरी दुकान लगाते हैं और तमाम तानों के बावजूद वो बेटी के साथ हमेशा साथ खड़े रहे नसरीन अब तक तीन इंटरनेशनल और 40 बार नेशनल लेवल पर खेल चुकी है.

नसरीन की कप्तानी
आपको बता दें कि साल 2019 में हुए दक्षिण एशियाई खेलों में नसरीन की कप्तानी में भारत को गोल्ड मेडल दिलाकर लगातार नाम रोशन कर रही है. नसरीन के माता-पिता को अपनी बेटी पर गर्व है कि उसने परिवार, गांव और देश का नाम रोशन किया.

hi_INHindi
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